Kabhi Hasa Dete Ho, Kabhi Rula Dete Ho,
Kabhi Kabhi Neend Se Jaga Dete Ho,
Magar Jab Bhi Dil Se Yaad Karte Ho,
Kasam Se Zindagi Ka Ek Pal Badha Dete Ho.
हर दर्द की दवा हो तुम,
आज तक जो मांगी मेरी एक लौटी दुआ हो तुम,
तुम्हे मिलने की तमन्ना नहीं उठती कभी,
क्यूंकि जो हर वक़्त साथ रहती है वो हवा हो तुम.
आग सूरज में होती है जलना ज़मीन को परता हैं
मोब्बत निगाहैं करती हैं तरपना दिल को परता हैं
Tere Chehere Pe Mere Noor Hogi
Phir Na Tu Mujhse Kabhi Door Hogi,
Soch Kya Khushi Milegi Uspal Meri Jaan,
Jab Tere Mang Pe Mere Naam Ka Sindur Hogi.
जन्नत-ए-इश्क में हर बात अजीब होती है,
किसी को आशिकी तो किसी को शायरी नसीब होती है।
संभाले नहीं संभलता है दिल,
मोहब्बत की तपिश से न जला,
इश्क तलबगार है तेरा चला आ,
अब ज़माने का बहाना न बना।
मोहब्बत नाम है जिसका वो ऐसी क़ैद है यारों,
कि उम्रें बीत जाती हैं सजा पूरी नहीं होती।
टपकती है निगाहों से बरसती है अदाओं से,
मोहब्बत कौन कहता है कि पहचानी नहीं जाती।